Acharya chanakya-Man me soche hue karya ko kisi ke samne

 



मन में सोंचे हुए कार्य को किसी के सामने प्रकट न करें

बल्कि मनन पूर्वक उसकी सुरक्षा करते हुए

उसे कार्य में परिणत कर दें।








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