Mirza galib ki har ranj me khushi shayari


हर रंज में ख़ुशी की थी उम्मीद बरक़रार, galib shayri tp 10 best
हर रंज में ख़ुशी की थी उम्मीद बरक़रार,
हर रंज में ख़ुशी की थी उम्मीद बरक़रार,
तुम मुस्कुरा दिए मेरे ज़माने बन गये !!

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