Suraj ki ek parat chadh jati hai-good Morning Suvichar hindi



good Morning Suvichar hindi


कोलाहल है सर्व दिशा में,

गूंज की एक परत चढ़ जाती है |

सूरज की पहली-अंतिम लालिमा भी,

कुछ ना कुछ कह जाती है |

समय जैसे रुक-सा जाता ,

घड़ी की सुई चल नहीं पाती है |

ऐसे ना रहो तुम बिलकुल ही चुप,

तुम्हारी ख़ामोशी रास नहीं आती है |





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